भारतनेट योजना क्या है
भारतनेट टेलीकॉम मिनिस्ट्री की एक योजना है। इस योजना के अंतर्गत भारत के सारे गांव को इंटरनेट से जोड़ा जाएगा। एक तरह से यह योजना भारत के गांव को इंटरनेट से जोड़ने की एक मुहिम है।
भारतनेट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के डिजिटल इंडिया मिशन को संजीवनी देगा। इस योजना के अंतर्गत ढाई लाख गांव को जोड़ा जा चुका है। आगे अभी काम चालू है।
भारतनेट एक बहुआयामी योजना है। गांव को इंटरनेट से जोड़ने पर बहुत फायदे हैं। इससे गांव में रोजगार शिक्षा चिकित्सा ई-कॉमर्स व्यवसाय को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
15 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री जी ने 1000 दिन के अंदर देश के सभी गांव को इंटरनेट से जोड़ने की घोषणा की थी। भारतनेट योजना उसके बाद घोषित की गई।
भारतनेट योजना के चरण
अभी तक इस योजना में तीन चरण निश्चित किया गया है।
पहला चरण – पहले चरण में 100000 गांव का लक्ष्य रखा गया था। पहले चरण की अंतिम तिथि दिसंबर 2017 थी। 28 दिसंबर 2017 को तत्कालीन टेलीकॉम मिनिस्टर श्री मनोज सिन्हा जी ने बताया कि 101370 ग्राम पंचायतों को इंटरनेट से जोड़ा जा चुका है। इसके लिए इन सभी गांव में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाए गए हैं।
पहले चरण में महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश छत्तीसगढ़ राजस्थान और झारखंड में अच्छा कार्य हुआ है।
दूसरा चरण – इसका लक्ष्य मार्च 2019 तक रखा गया था। इस चरण में सभी गांव में ऑप्टिकल फाइबर के इंटरनेट को पहुंचाना था। इस चरण में राज्य सरकारों की सहभागिता को भी बढ़ाने की ओर ध्यान दिया गया।
रेडियो, सेटेलाइट मीडिया और बिजली के खंभों के प्रयोग को भी इंटरनेट सेवा के लिए मान्यता दी गई। दूसरे चरण को पूरा करने के लिए मार्च 2019 का लक्ष्य रखा गया था। दूसरे चरण में 8 राज्यों को शामिल किया गया है।
तीसरा चरण – तीसरे चरण का लक्ष्य 2019 से 2023 तक रखा गया। इस चरण में सभी ब्लॉक को जिले से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
आगे इस लेख में आपको और भारत नेट के बारे में जानने को मिलेगा।
भारतनेट योजना के अंतर्गत पूरा किए गए कार्य की जानकारी
28 दिसंबर 1917 को तत्कालीन टेलीकॉम मिनिस्टर श्री मनोज सिन्हा जी ने मीडिया को योजना के संदर्भ में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 101370 ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से जोड़ा जा चुका है। 2 लाख 54 हजार 895 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाए जा चुके हैं। 1,09,926 ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर केबल दिखाया जा चुका है।
इसके अलावा 11 जून 2018 को रेल मंत्री केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल जी एवं रविशंकर प्रसाद सीएससी को मजबूती देने के लिए योजनाओं का शुभारंभ किया। सीएससी के अंतर्गत 5000 ग्राम चौपालों को वाईफाई की सुविधा प्रदान की जाएगी ।
इसके अलावा सीएससी को रेलवे टिकट बुकिंग के अधिकार भी दिए जाएंगे। इसके लिए सीएससी ने आईआरसीटी के साथ MOU साइन किया है। इन सभी कार्यों को प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया मिशन के तहत देखा जा रहा है।
सीएससी को और बढ़ावा देने की तैयारी है। निकट भविष्य में सीएससी बैंक के एजेंट के रूप में भी कार्य करेंगे। इसके अलावा बीएससी को इंश्योरेंस, बैंकिंग और आधार कार्ड के सेंटर के रूप में स्थापित किया जाएगा। समय के साथ सीएससी को और भी सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
भारतनेट योजना – 2021
30 जून 2021 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भारतनेट योजना में कुछ सुधार किए। उन्होंने 3P मॉडल लांच किया। 3P मॉडल का मतलब है पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप। अब इस योजना में सरकार के साथ कुछ प्राइवेट कंपनियां भी काम करेंगे।
इसके अंतर्गत 16 राज्यों में भारतनेट योजना के अंतर्गत कार्य किया जाएगा। 19,041 करोड़ रुपए का अग्रिम योगदान देकर सरकार ने इस योजना को शुरू किया।
इस चरण में 3,61,000 गांव को इस योजना से जोड़ा जाएगा। कुल 29,430 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इसमें सरकार ने 19041 करोड़ों में का योगदान दिया है। बाकी खर्च प्राइवेट कंपनियों के द्वारा वहन किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत 30 वर्ष में ₹95000 खर्च होंगे। लेकिन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत सरकार को इसमें बहुत बचत होगी।
भारत में योजना पर सरकार इतना खर्च क्यों कर रही है?
इस योजना पर भारत सरकार प्राइवेट कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार अभी तक एक 61,109 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं।
इस योजना पर सरकार विशेष उद्देश्य से खर्च कर रही है। गांवों को को आधुनिक तकनीकी से जोड़कर सरकार उनको आधुनिक भारत से जुड़ना चाहती है।
गांव में इंटरनेट सुविधा आने के बाद इससे शिक्षा क्षेत्र चिकित्सा ई-कॉमर्स व्यवसाय में बढ़ोतरी होगी। इसीलिए सरकार भारतनेट योजना पर प्राइवेट कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
भारत नेट योजना का पब्लिक फीडबैक
इस योजना का बहुत ही अच्छा फीडबैक है। लोग आधुनिक तकनीकी से जुड़कर काफी अच्छा महसूस कर रहे हैं। यह एक बहु आयामी योजना है। इसके व्यापक परिणाम आएंगे।
इससे लोगों को 2 मेगाबाइट से 20 मेगाबाइट तक के इंटरनेट स्पीड मिल रहे हैं। इतना स्पीड किसी भी कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए उचित है।
सीएससी को और मजबूत करना होगा जिससे कि गांव को डिजिटल इंडिया का फायदा मिले।
आगे इस योजना से संबंधित और जानकारियों के लिए हम से जुड़े रहे। समय-समय पर हम इस योजना से संबंधित अपडेट इस लेख में प्रकाशित करते रहेंगे।