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केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना

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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना केंद्र सरकार के द्वारा संचालित योजना है। गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाएं लाभार्थी हैं।

लाभार्थी को तीन किस्तों में सहायता राशि दी जाती है। तीन किस्तों में कुल ₹5000 मिलते हैं।

लेकिन, लाभार्थी को कुछ सरकारी शर्तों का पालन करना होता है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शर्तें क्या हैं?

  • गर्भवती महिला की उम्र 19 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • इसके अलावा महिला का योजना के लिए पंजीकरण होना चाहिए।

संक्षेप में आपको रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। इसके अलावा महिला का गर्भवती होना भी अनिवार्य है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में पंजीकरण कैसे करवाएं?

इस योजना में आप 2 तरह से अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।

  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ती या आशा कर्मी के द्वारा – गर्भधारण की सूचना आशा कर्मी या आगनबाड़ी कार्यकर्ती को दीजिए। पंजीकरण फॉर्म आंगनबाड़ी कार्यकर्ती से प्राप्त कर लें। फॉर्म भरने के उपरांत आशाकर्मी या आंगनबाड़ी कार्यकर्ती को वह फॉर्म दे देना चाहिए।
  • उमंग एप के द्वारा – उमंग ऐप के जरिए लाभार्थी स्वयं को रजिस्टर कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए आपको उमंग एप अपने मोबाइल में डाउनलोड करना होगा। आप वेबसाइट पर जाकर भी स्वयं को रजिस्टर कर सकते हैं। नीचे दिए गए लिंक को फॉलो करें और अपना पंजीकरण करवाएं।

इस योजना में भुगतान कैसे होता है?

राशि का भुगतान सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में किया जाता है। इस प्रक्रिया के लिए विशेष तरह के बैंकिंग सॉफ्टवेयर का यूज किया जाता है। पेमेंट सॉफ्टवेयर लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे पैसे ट्रांसफर कर देता है।

किस्तों के बारे में जानकारी

  • पहली किस्त में लाभार्थी को ₹1000 का भुगतान किया जाता है। यह भुगतान पंजीकरण करवाती है।
  • दूसरी किस्त का भुगतान ₹2000 का होता है। यह भुगतान पंजीकरण करवाने के बाद मिलता है।
  • तीसरी किस्त का भुगतान ₹2000 का होता है। यह भुगतान लाभार्थी को उसके शिशु के जन्म के बाद दिया जाता है। इस भुगतान राशि का मुख्य का प्रयोग बीसीजी,ओपीवी, डीपीटी और हेपेटाइटिस बी के टीकाकरण के लिए किया जाता है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का विश्लेषण

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एक सफल योजना है। जनता का भी अच्छा रुझान आया है। 

हालांकि ₹5000 बहुत कम है।  कम से कम महिलाओं को ₹12000 मिलने चाहिए। 

इस योजना को एक उपहार के रूप में देखना चाहिए। यह धनराशि गर्भवती महिला के लिए एक पूर्ण खर्च नहीं है।  सरकार के द्वारा उनके लिए उपहार है।

 कई राज्यों में गर्भवती महिलाओं के लिए निशुल्क चिकित्सा सुविधाएं हैं। महिलाओं को दिया जाने वाला यह सहयोग अत्यंत सराहनीय है।

 पंजीकरण की प्रक्रिया जटिल है।  इसका मुख्य कारण देश में व्याप्त भ्रष्टाचार है। 

 प्रधानमंत्री डिजिटल इंडिया का सपना देख रहे हैं। हो सकता है आने वाले दिनों में पंजीकरण की प्रक्रिया थोड़ी आसान हो जाएगी।

इस योजना का पंजीकरण उमंग एप के द्वारा भी होता है।  लेकिन ज्यादातर लाभार्थी गांव से आते हैं।  ऐसे में पंजीकरण को सरल करना चाहिए।

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